अगली जन्माष्टमी: 24 अगस्त 2027
स्मार्त संप्रदाय — 24 अगस्त 2027, वैष्णव संप्रदाय — 25 अगस्त 2027
इस पर्व की दो तिथियाँ चलती हैं। स्मार्त परंपरा आधी रात की अष्टमी से तिथि लेती है, वैष्णव परंपरा अगले दिन मनाती है — दोनों सही हैं, अपनी परंपरा के अनुसार चुनें।
कृष्ण का जन्म, कृष्ण पक्ष की अष्टमी को आधी रात में। व्रत अगले दिन रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी के समाप्त होने पर खुलता है, इसलिए पारण का समय देखना पड़ता है।
आगे की तारीख़ें
| 24 अगस्त 2027 | मंगलवार |
|---|---|
| 13 अगस्त 2028 | रविवार |
तारीख़ें सूर्योदय की तिथि से गिनी गई हैं। क्षेत्रीय परंपरा और मंदिरों की घोषणा एक दिन आगे-पीछे हो सकती है — बड़े व्रत के लिए अपने पुरोहित या मंदिर से पुष्टि कर लें।